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जन्म कुंडली में ग्रह आपके करियर को कैसे प्रभावित करते हैं ?

By September 20, 2021 Blog, Blogs

राशि, ग्रह- नक्षत्र, लग्न, भावों की अवस्था, नवमांश चक्र,  सूर्य – चन्द्रमा की स्थिति आदि व्यक्ति के व्यवसाय और  नौकरी को प्रभावित करते हैं I करियर में सफलता की कामना करते हुए हर व्यक्ति दिन-रात मेहनत भी करता है। कठिन मेहनत करने के बाद भी कई बार कई लोगों को सफलता नहीं मिल पाती। कई बार उच्च शिक्षित युवा भी करियर के लिए परेशान होते हैं

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, जातक की कुंडली और ग्रहों की चाल का प्रभाव भी हमारे जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करता है। नौकरी और व्यवसाय के लिए कुण्डली के प्रथम, पंचम, चतुर्थ और दशम भाव का विशेष महत्व होता है।  ऐसे में नौकरी पाना और नौकरी का छूट जाना भी ग्रहों की बदलती चाल पर भी कहीं न कहीं निर्भर करता है।

कई बार जातक की नौकरी तो आसानी से मिल जाती है लेकिन थोड़े वक्त के बाद नौकरी छूट भी जाती है। इसका कारण आपकी कुंडली के दशम भाव में ख़राब योग का बनना हो सकता है। इसके अलावा अगर दशम भाव में राहु या केतु आकर बैठ जाते हैं तो नौकरी स्थायी नहीं रहती है। ऐसे में अक्सर जातक अपनी नौकरी बदलते रहते हैं और अपनी स्थायी जगह भी नहीं बना पाते हैं।

ज्योतिषी आपकी नौकरी की भविष्यवाणी करने के लिए कई कारकों पर विचार करते हैं आपके भविष्य के विकल्पों का हल बताते है। ज्योतिष आपको अपने व्यक्तित्व लक्षणों, शक्तियों और कमजोरियों के बारे में बताता हैI यह आगे करियर के सही विकल्प खोजने में बहुत मदद करता हैI

जातक को जन्म और समय की तारीख से कुंडली को ध्यान में रखते हुए, करियर के पहलुओं के संबंध में जीवन, शिक्षा और अन्य निर्णयों की योजना बनाने में मदद मिल सकती हैI जातक को अपने करियर मार्ग के बारे में पता है, तो धन, प्रयास और शिक्षा को एक ही दिशा में सूचिबद्ध कर सकता हैI जिससे कम उम्र में एक सफल करियर पा सकता हैI

दिल्ली के प्रसिद्ध ज्योतिषी ( Famous Astrologer in Delhi ) के मुताबिक, कुंडली का दसवां भाव जातक के करियर का नेतृत्व करता है यानि कि आपको कैसी जॉब मिलेगी, आपको पदोन्नति कब मिलेगी आदि के बारे में जानकारी मिल सकती है। 

दिल्ली एनसीआर में सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी ( Best Astrologer in Delhi NCR )  कहते हैं कि कुंडली का दशम भाव कर्म स्थान होता है। सूर्य और बृहस्पति नौकरी में तरक्की के कारक होते है। जिस जातक की कुंडली में गुरु और सूर्य शुभ स्थिति में उच्च के होते हैं तो उनका जॉब स्थायी होता है। उनको अपने काम के प्रति लगन होती है और उन्हें नौकरी में तरक्की भी मिलती है।  जातक कड़ी मेहनत के दम पर पदोन्नति प्राप्त कर सकता है।  वहीं यदि 10वें भाव में सूर्य है तो आपको नौकरियां तो काफी मिलती हैं लेकिन आप अपनी शर्तों के अनुसार काम करना पसंद करते हैं जिस वजह से आपको कई बार नौकरी छोड़नी भी पड़ती है।

आपको किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से अपनी कुंडली का आकलन करवाना चाहिए। कुंडली का सही आकलन कराने के लिए आप अनंत ज्ञान पर अनुभवी ज्योतिषाचार्य राममेहर शर्मा जी से परामर्श ले सकते हैंI

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