*ज्योतिष आचार्य राममेहर शर्मा*
सनातन धर्म में गंगा दशहरा का पर्व आस्था, पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह दिन केवल माँ गंगा के धरती पर अवतरण का उत्सव नहीं, बल्कि मानव जीवन को सकारात्मकता, शुद्धता और अनंत ज्ञान की ओर ले जाने वाला पावन अवसर भी है। मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन माँ गंगा का स्मरण, पूजा और स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।
ज्योतिष आचार्य राममेहर शर्मा जी के अनुसार, “माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिव्य शक्ति और ज्ञान का स्वरूप हैं। गंगा का जल जिस प्रकार शरीर को पवित्र करता है, उसी प्रकार सच्चा ज्ञान मनुष्य के विचारों और आत्मा को निर्मल बनाता है।”
गंगा दशहरा हमें यह सीख देता है कि जीवन में विनम्रता, सेवा, दया और अच्छे कर्मों का कितना महत्व है। जिस प्रकार माँ गंगा बिना किसी भेदभाव के सभी को अपना आशीर्वाद देती हैं, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में प्रेम, मानवता और सद्भाव का भाव रखना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र में गंगा दशहरा को अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन दान-पुण्य, मंत्र जाप, ध्यान और पूजा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पर्व व्यक्ति को आत्मचिंतन करने और बुराइयों से दूर रहकर सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग मानसिक तनाव और अशांति से घिरे हुए हैं। ऐसे समय में गंगा दशहरा का पर्व हमें आत्मिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। माँ गंगा का संदेश है कि जीवन में सच्चा सुख धन-दौलत में नहीं, बल्कि अच्छे विचारों, संस्कारों और ज्ञान में छिपा होता है।
आइए, इस पावन अवसर पर माँ गंगा से प्रार्थना करें कि वे हमारे जीवन को सुख, समृद्धि, शांति और अनंत ज्ञान से भर दें।
गंगा दशहरा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
— ज्योतिष आचार्य राममेहर शर्मा
