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क्यों मानते है भाईदूज?

By October 20, 2022 Blog

भाई दूज का त्यौहार कई सारे मुख्य त्यौहारों में से एक माना जाता है।भाई दूज का त्यौहार हिंदू धर्म के लोगों के लिए एक विशेष त्यौहार होता है। इस साल भाई दूज 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के अलावा भाईदूज ऐसा त्यौहार है जो भाई बहन के लिए महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक होता है। दिवाली के पांच दिन के त्योहारों में से ही एक भाईदूज का त्यौहार भाईबहन के रिश्ते को मजबूत करता है। कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर मनाते हैं।
भाईदूज का महत्त्व
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार हर पूजा एक विशेष महत्व होता है भाई दूज के पावन पर्व का भी महत्व बहुत अधिक माना जाता है। एक कथा के अनुसार इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था और फिर बहन सुभद्रा से मिलने गए थे जहाँ सुभद्रा ने दीए जलाकर उनका स्वागत किया था साथ ही सुभद्रा ने भगवान श्री कृष्ण को तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु होने की कामना की थी।

एक अन्य लोककथा के अनुसार इस दिन मृत्यु के देवता, यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे, जिन्होंने उनका स्वागत फूलों, मिठाइयों से किया और उनके माथे पर तिलक लगाया और यम को उनकी बहन यमुना ने नारियल दिया था। यमुना का यह मानना था कि नारियल का गोला उनके भाई यम को उनकी याद दिलाता रहेगा।
बदले में, यमराज ने उसे एक उपहार भेंट किया जो उसके प्रति उसके स्नेह को दर्शाता है।इ न सभी कारणों की वजह से इस पर्व का विशेष महत्व होता है।

भाईदूज की विधि
इस दिन यमराज, यमदूत और चित्रगुप्त की पूजा करनी चाहिए और इनके नाम से अर्घ्य और दीपदान भी करना चाहिए। बहनें अपने भाइयों को हाथ पर मौली बांधकर उनके माथे पर रोली का टीका लगाकर और नारियल का गोला देकर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। नारियल का गोला भाइयों को देना बहुत शुभ माना जाता है। नारियल का गोला देने से भाइयों को अधिक आयु और समृद्धि मिलती है। यह दिन भाई-बहन के बीच सद्भावना और प्रेम को भी प्रोत्साहित करता है। इस दिन एक और मान्यता है की भाई को अपनी विवाहित बहनों के घर जा कर तिलक लगवाना चाहिए उसके बाद भोजन ग्रहण करना चाहिए, क्यों की इस दिन यमराज ने यमुना से कहा था कि यम द्वितीया यानी भाई दूज के दिन जो भाई बहनों के घर आकर बहनों की पूजा स्वीकार करेंगे और उनके हाथों से बना भोजन करेंगे तो उनको अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। भाइयों को अपनी शक्ति अनुसार बहनो को उपहार देना चाहिए और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। इस दिन बहनो को तिलक लगाने से पहले भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए।
इस तरह भाईदूज का त्यौहार मानाने से भाई और बहन का रिश्ता बहुत सुख और प्रेम के साथ व्यतीत होता है।
आप सभी को भाईदूज की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

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